Friday, July 17, 2015

प्रश्न कुण्डली

प्रश्न कुण्डली
कई बार लोगों की उलझन होती है कि हमारा
जन्म समय या तिथि सही ज्ञात नहीं है। ऐसे में
ज्योतिष संबंधी फलादेश कैसे किए जाएं।
ज्योतिष में इसका सटीक जवाब प्रश्न
कुण्डली है। प्रश्न कुण्डली में कार्य भाव और
कार्येश की भूमिका अहम होती है। कार्य से
यहां अर्थ उस विचार या इच्छा से है जिसके
लिये प्रश्न कुण्डली का निर्माण किया गया
है। जैसे अगर कोई व्यक्ति यह जानना चाहता है
कि क्या वह यात्रा करेगा, तो इस स्थिति में
कार्यभाव तृतीय भाव हो गया। कार्येश से
अभिप्राय कुण्डली के उस भाव से है, जिससे
संबन्धित प्रश्न किया गया है। इस प्रश्न में
यात्रा के विषय में कहा गया है तो तृ्तीय
भाव का स्वामी कार्येश हो गया। इस प्रकार
प्रश्न कुण्डली में कार्य भाव और कार्येश का
संबन्ध प्रश्न की सफलता दर्शाता है। सप्तम
भाव वह व्यक्ति या विषय वस्तु है, जिससे
संबन्धित प्रश्न किया गया है। उस व्यक्ति की
स्थिति को समझने के लिये सांतवें घर का
विश्लेषण किया जाता है.
प्रश्न कुण्डली वास्तव में समय विशेष की एक
कुण्डली है जो उस समय बनाई जाती है, जिस
समय जातक प्रश्न पूछता है। इस कुण्डली से
जातक के प्रश्न का ही भविष्य देखने का
प्रयास किया जाता है। इस विधि में सवाल
कुछ भी हो सकता है। आमतौर पर तात्कालिक
समस्या ही सवाल होती है। ऐसे में समस्या
समाधान का जवाब देने के लिए प्रश्न कुण्डली
सर्वाधिक उपयुक्त तरीका है। ध्यान रखने की
बात यह है, कि प्रश्न के सामने आते ही उसकी
कुण्डली बना ली जाए। इससे समय के फेर की
समस्या नहीं रहती। इसके साथ ही जातक की
मूल कुण्डली भी मिल जाए और वह प्रश्न
कुण्डली को इको करती हो तो समस्या का
हल ढूंढना और भी आसान हो जाता है। कई
बार जातक जो मूल कुण्डली लेकर आता है, वह
भी संदेह के घेरे में होती है। ओमेन (संकेतों का
विज्ञान) बताता है कि जातक का
ज्योतिषी के पास आने का समय और जातक
की कुण्डली दोनों आमतौर पर एक-दूसरे के
पूरक होते हैं। ऐसे में प्रश्न कुण्डली बना लेना
फलादेश के सही होने की गारंटी को बढ़ा
देता है। पूर्व में जब हाथ से कुण्डली बनाई
जाती थी, तब हाथों हाथ प्रश्न कुण्डली
बनाना संभव नहीं था, लेकिन वर्तमान दौर में
कंम्प्यूटर और सक्षम सॉफ्टवेयर की मदद से जब
हाथों हाथ कुण्डलियां बनाई जा रही है, तब
ज्योतिषी जातक की मूल कुण्डली के साथ
ही प्रश्न कुण्डली बना लेते हैं। यह फलादेश के
काम को आसान बना देता है।
छद्म प्रश्नों की समस्या
प्रश्न कुण्डली के साथ बड़ी समस्या है जातक
के सवाल का सही नहीं होना। ज्योतिष की
जिन पुस्तकों में प्रश्नों के सवाल देने की
विधियां दी गई हैं उन्हीं में छद्म प्रश्नों से बचने
के तरीके भी बताए गए हैं। इसका पहला नियम
यह है कि ज्योतिषी को टैस्ट करने के लिए पूछे
गए सवालों का जवाब कभी मत दो। ऐसा
इसलिए कि ओमेने के सिद्धांत के अनुसार छद्म
सवाल का कोई उत्तर नहीं होता। जातक का
सवाल सही नहीं होने पर प्रश्न और कुण्डली
एक-दूसरे के पूरक नहीं बन पाते हैं। ऐसे में प्रश्न
कुण्डली बनाने के साथ ही ज्योतिषी को
प्रश्न के स्वभाव का प्रारंभिक अनुमान भी कर
लेना चाहिए। इससे प्रश्न में बदलाव की
संभावना कम होती है।
कमोबेश एक जैसे सवाल
ज्योतिष कार्यालय चलाने वाले लोग जानते
हैं कि एक दिन में एक ही प्रकार की समस्याओं
वाले लोग अधिक आते हैं। इसका कारण यह है
कि गोचर में ग्रहों की जो स्थिति होती है
उससे पीडि़त होने वाले लोगों का स्वभाव
भी एक जैसा ही होगा। इसका अर्थ यह नहीं है
कि समान राशि या कुण्डली वाले लोगों
को एक जैसी समस्याएं होगी बल्कि ग्रह
योगों की समान स्थिति से समान स्वभाव
की समस्याएं सामने आएंगी। मेरा अनुभव
बताता है कि जिस दिन गोचर में चंद्रमा और
शनि की युति होगी, तो उस दिन मानसिक
समस्याओं से घिरे लोग अधिक आएंगे। हां,
मानसिक समस्याओं का प्रकार लग्न और अन्य
ग्रहों के कारण बदल जाता। कोई
सिजोफ्रीनिया से पीडि़त हो सकता है तो
कोई क्रोनिक डिप्रेशन का मरीज हो सकता
है। किसी को दिमागी सुस्ती की समस्या
हो सकती है तो कोई साइको-सोमेटिक
डिजीज से ग्रस्त हो सकता है। इस तरह प्रश्न
कुण्डली से एक ओर जातक का विश्लेषण
आसान हो जाता है तो दूसरी ओर भूतकाल
स्पष्ट करने के बजाय भविष्य कथन में अधिक
ध्यान लगाया जा सकता है।
जन्म समय की समस्या का समाधान
पिछले कुछ सालों में अस्पतालों में शिशु जन्म
की स्थितियां बढ़ने के कारण जन्म समय
कमोबेश सही मिलने लगे हैं। पर अब भी जन्म
समय को लेकर कई तरह की उलझनें बनी हुई है।
आमतौर पर शिशु के गर्भ से बाहर आने को ही
जन्म समय माना जाता है। इसके अलावा
माता से नाल के कटने या पहली सांस लेने का
भी जन्म समय लेने के मत ज्योतिष में देखने को
मिलते हैं। सही जन्म समय को लेकर हमेशा
उहापोह की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में
प्रश्न कुण्डली ऐसा जवाब है जिससे जन्म
तिथि और जन्म समय के बिना फलादेश किया
जा सकता है। सामान्यता: प्रश्न कुण्डली की
आयु वार्षिक मानी गई है। प्रश्न कुण्डली में
लग्न समय निश्चित होता है। प्रश्न कर्ता की
चिन्ताओं की जानकारी चन्द्रमा से देखी जा
सकती है। प्रश्न कुण्डली में लग्न भाव में बली
चन्द्र की स्थिति निवास चिन्ता, दूसरे भाव
में धन, तीसरे भाव में घर से दूर रहने की चिन्ता,
चौथे भाव में मकान/ पानी से संबधित
परेशानी, पांचवे भाव में संतान, छठे भाव में
ऋण, सांतवेंभाव में विवाह या साझेदारी,
आंठवें भाव में पैतृक संम्पति में या अप्रयाशित
लाभ, नवम भाव में चन्द्र लम्बी दूरी की
यात्रा, दशम भाव में आजीविका, एकादश
भाव में आय वृ्द्धि / पदोन्नति, द्वादश भाव में
बली चन्द्र विदेश यात्रा से जुडी चिन्ताएं
होने का संकेत देता है.
प्रश्न कुण्डली के फायदे
जन्म समय का फेर नहीं होता
अगर आपको पास सॉफ्टवेयर है तो यह
हाथों-हाथ तैयार हो जाती है
सही सवालों के जवाब स्पष्ट मिलते सकते हैं
हर तरह के सवाल का जवाब दिया जा
सकता है, बशर्ते सवाल सही हो।
जिन लोगों को जन्म समय नहीं हैं, उनके
अलावा जिन लोगों की गलत कुण्डली बनी
हुई है वे भी अपनी चिंताओं का सही जवाब ले
सकते हैं।
भविष्य कथन के बजाय मौजूदा समस्याओं से
संबंधित कई सवालों के सटीक जवाब मिलते हैं
पूर्ण भविष्य कथन के बजाय ऐसे सवाल जिनके
हां या ना में उत्तर होते हैं उनके अपेक्षाकृत
सटीक जवाब मिलते हैं।

Thursday, July 16, 2015

कुंडली के बारह भाव में गुरु का फल :

कुंडली के बारह भाव में गुरु का फल :
1. जिस जातक के लग्न में गुरु (बृहस्पति) होता है।
ऐसा जातक अपने गुणों से चारों ओर आदर की दृष्टि
से देखा जाता है।
2. दूसरे भाव में हो तो जातक कवि होता है। उसमें
राज्य संचालन करने की शक्ति होती है।
3. तीसरे भाव में हो तो वह जातक नीच स्वभाव का
बना देता है। साथ ही उसे सहोदर भ्राताओं का सुख
भी प्राप्त होता है।
4. चौथे भाव में हो तो व्यक्ति लेखक, प्रवासी,
योगी, आस्तिक, कामी, पर्यटनशील तथा विदेश
प्रिय तथा महिलाओं के पीछे-पीछे घूमने वाला होता
है।
5. पांचवे भाव में हो तो ऐसा जातक विलासी तथा
आराम प्रिय होता है।
6. छठे भाव में हो तो ऐसा जातक सदा रोगी रहता
है। मुकदमें आदि में जीत हासिल करता है। तथा अपने
शत्रुओं को मुंह के बल गिराने की क्षमता रखता है।
7. सातवें भाव में हो तो बुद्धि श्रेष्ठ होती है। ऐसा
व्यक्ति भाग्यवान, नम्र, धैर्यवान होता है। 8. आठवें
भाव में हो तो दीर्घायु होता है तथा ऐसा जातक
अधिक समय तक पिता के घर में नहीं रहता है।
9. नौवें भाव में हो तो सुंदर मकान का निर्माण
करवाता है। ऐसा जातक भाई-बंधुओं से स्नेह रखने
वाला होता है तथा राज्य का प्रिय होता है।
10. दसवें भाव में हो तो जातक को भूमिपति एवं भवन
प्रेमी बना देता है। ऐसे व्यक्ति चित्रकला में निपुण
होते है।
11. ग्यारहवें भाव में हो तो जातक ऐश्वर्यवान, पिता
के धन को बढ़ाने वाला, व्यापार में दक्षता लिए
होता है।
12. बारहवें भाव में हो तो ऐसा जातक आलसी, कम
खर्च करने वाला, दुष्ट स्वभाव वाला होता है।
लोभी-लालची भी होता है।

Tuesday, July 14, 2015

अखिल भारतीय रैगर महासभा के त्रेवार्षिक चुनाव

        12/07/2015 को अखिल भारतीय रैगर महासभा के त्रेवार्षिक चुनाव में राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद पर बी.एल. नवल की 642 मतों से ऐतिहासिक जीत । 
        अखिल भारतीय रैगर महासभा (पंजी.) के कार्यकारिणी के चुनाव रैगर छात्रावास जयपुर में 12 जुलाई 2015 रविवार को सम्‍पन्‍न हुए । मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी धनलाल शेरावत (शेरसिया) की देख रेख व मार्गदर्शन में सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया प्रारम्‍भ हुई जो 4 बजे तक चली । 
        इस चुनाव में महासभा के 2 पेनल प्रमुख रूप से आमने - सामने थे । प्रथम बी.एल. नवल पेनव व द्वितीय टी.आर. वर्मा पेनल । अध्‍यक्ष पद के उम्‍मीदवारों में तीसरा नाम था स्‍वतंत्र उम्‍मीदवार कुशाल चौहान का । 
        सुबह से ही पूरे भारत के अलग - अलग प्रदेश से पधारे समाज बंधु व मतदाताओं ने अपने - अपने उम्‍मदीवारों के समर्थन में प्रचार - प्रसार करते नज़र आ रहे थे । समाज से जुड़ी कई संस्‍थाए भी मतदान स्‍थल के बाहर समाज के लिए व्‍यवस्‍था बनाने में व जल-पान की सेवाए प्रदान कर समाज के संगठनों में एकता का परिचय दे रही थी । 
        अखिल भारतीय रैगर महासभा के पूरे भारत में 2501 आजीवन सदस्‍य (मतदाता) है जिसमें से इस चुनाव में 2072 मतदाताओं ने अपने मतदान का उपयोग किया है जिसका कुल प्रतिशत 82.85 प्रतिशत रहा । 
        मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी शेरावत ने मतगणना के पश्‍चात घोषणा की जिसमें राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद हेतु बी.एल. नवल को 1329 मत मिले व टी.आर. वर्मा को 687 मत मिले एवं कुशाल चौहान को मात्र 28 मत मिले साथ ही यह सुचना भी दी कि अध्‍यक्ष पद के 24 मत निरस्‍त हुए कुल मिलाकर 2072 मतदाताओं ने मतदान किया । तत्‍पश्‍चात् बी.एल. नवल को राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के रूप में 642 मतों से जितने की घोषणा कर राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष पद की शपथ दिलाई गई । 
        चूकि मत गणना का कार्य 13/7/2015 सोमवार शाम 06 बजे तक चली जिस दूसरे दिन मिले । मत गणना परिणामों के अनुसार बी.एल. नवल के पेनल से 34 पदों में 30 पदों पर उम्‍मीदवार विजयी हुए शेष 4 पदों पर टी.आर. वर्मा पेनल के उम्‍मीदवार विजयी रहे विजयी उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट निम्‍न है ।

विजेयता उम्‍मीदवारों की सूची

तगणना अन्तिम परिणाम शीट दिनांक 12 एवं 13.07.2015

पद:- राष्ट्रीय अध्यक्ष

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
बी. एल. नवल
1329
विजयी
B.L. Nawal
2
टी. आर. वर्मा 
687
पराजित
T.R. Verma
3
कुशाल चन्द्र चैहान
28
पराजित
N/A
वैध मत:- 2044   अवैध मत:- 24    कुल मत:-  2068

पद:- राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
सुधा जाजोरिया
1253
विजयी
B.L. Nawal
2
नरेन्द्र मोलपरिया
772
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 2025   अवैध मत:- 44    कुल मत:-  2069

पद:- राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
रामप्रताप सौंकरिया
1126
विजयी
B.L. Nawal
2
गणपत लाल कुलदीप
901
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 2027   अवैध मत:- 41    कुल मत:-  2068

पद:- राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
सुभाष परसोया
1193
विजयी
B.L. Nawal
2
रामरख गोलिया
824
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 2017   अवैध मत:- 53    कुल मत:-  2070

पद:- राष्ट्रीय उपसचिव 

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
जयनारायण आलोरिया
1179
विजयी
B.L. Nawal
2
बाबूलाल कनवाडिया (कानोडिया)
996
विजयी
B.L. Nawal
3
ताराचन्द गोसाई
979
विजयी
B.L. Nawal
4
महावीर प्रसाद नवल
942
विजयी
B.L. Nawal
5
प्रहलाद कुमार सेठी
845
पराजित
T.R. Verma
6
राजेश कुमार जाजोरिया
843
पराजित
T.R. Verma
7
बाबू लाल वर्मा 
824
पराजित
T.R. Verma
8
राजेन्द्र लाडला जाटोलिया
747
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 1997   अवैध मत:- 72    कुल मत:-  2069

पद:- राष्ट्रीय प्रचार एवं प्रसार सचिव 

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
उमेश पीपलीवाल
1220
विजयी
B.L. Nawal
2
मुकेश कुमार गाडेगावलिया
1093
विजयी
B.L. Nawal
3
महेश आर्य (बालेाटिया)
1015
विजयी
B.L. Nawal
4
रामस्वरूप जाजोरिया
975
विजयी
B.L. Nawal
5
डॉ रविन्द्र कुमार नारोलिया
903
पराजित
T.R. Verma
6
रामदयाल गुसाईवाल (वर्मा)
752
पराजित
T.R. Verma
7
हरीश चन्द पीपलीवाल
748
पराजित
T.R. Verma
8
मोहनलाल सांटोलिया
718
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 2002   अवैध मत:- 67    कुल मत:-  2069

पद:- राष्ट्रीय संगठन सचिव

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
गोविन्द लाल चैकडायत
1083
विजयी
B.L. Nawal
2
सुरेन्द्र कुमार बाकोलिया
1029
विजयी
B.L. Nawal
3
बृज मोहन पीपलीवाल
957
विजयी
B.L. Nawal
4
छीतर मल दरिया
946
विजयी
B.L. Nawal
5
शंकर लाल कुलदीप
894
पराजित
T.R. Verma
6
हीरालाल पिंगोलिया
818
पराजित
T.R. Verma
7
मांगीलाल बडेतिया
796
पराजित
T.R. Verma
8
मदन लाल भॉखडीवाल
757
पराजित
T.R. Verma
वैध मत:- 2010   अवैध मत:- 60    कुल मत:-  2070

राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी सदस्‍य 

क्र. स.
उम्मीदवार का नाम
कुल प्राप्त मतो की संख्या
परिणाम
Panel Name
1
किशनलाल जग्रवाल
1223
विजयी
B.L. Nawal
2
जयकिशन नारोलिया
1177
विजयी
B.L. Nawal
3
अंजना नारोलिया
1026
विजयी
B.L. Nawal
4
रामकिशन तंवर (तोणगरिया)
987
विजयी
B.L. Nawal
5
अनिता खटनावलिया
944
विजयी
T.R. Verma
6
गोवर्धन लाल देवत (देवतवाल)
915
विजयी
B.L. Nawal
7
गिरधारी लाल मौर्य
894
विजयी
B.L. Nawal
8
नीरज कुमार तौणगरिया
892
विजयी
T.R. Verma
9
कन्हैयालाल जौलिया
890
विजयी
B.L. Nawal
10
तेजपाल कराडिया
890
विजयी
B.L. Nawal
11
केदार नोगिया
871
विजयी
B.L. Nawal
12
अशोक चैहान 
868
विजयी
B.L. Nawal
13
किशनलाल वर्मा (जलुथरिया)
860
विजयी
B.L. Nawal
14
मंजू परसोया
860
विजयी
B.L. Nawal
15
जगदीश प्रसाद दरिया
856
विजयी
B.L. Nawal
16
कल्याण सहाय बारोलिया
847
विजयी
B.L. Nawal
17
जगदीश नारायण खटनावलिया
840
विजयी
T.R. Verma
18
जगदीश नारायण वर्मा
839
विजयी
B.L. Nawal
19
आशीष पिंगोलिया
835
विजयी
B.L. Nawal
20
कुशल राम खोलिया
829
विजयी
B.L. Nawal
21
कन्हैयालाल बड़ौलिया
827
विजयी
B.L. Nawal
22
गुलाबचन्द कानखेडिया
827
विजयी
B.L. Nawal
23
दयानन्द कुलदीप
824
विजयी
B.L. Nawal
24
भूमि रछोया
823
विजयी
B.L. Nawal
25
गोपाल चन्द सिंगाडिया
815
विजयी
B.L. Nawal
26
महेन्द्र वर्मा (उदेनिया)
807
विजयी
B.L. Nawal
27
प्रभुदयाल कानखेडिया
795
विजयी
Independent
28
प्रवीण कुमार उज्जैनिया
786
विजयी
Independent
29
मोहनलाल सिंगाडि़या
777
विजयी
B.L. Nawal
30
गोपाल जलुथरिया
775
विजयी
B.L. Nawal
31
दुलीचन्द बाकोलिया
774
विजयी
B.L. Nawal
32
बंशीधर अटल
768
विजयी
B.L. Nawal
33
कैलाश नारायण मौर्य
762
विजयी
T.R. Verma
34
धर्मपाल बंशीवाल
757
विजयी
B.L. Nawal
35
गिरधारी डीगवाल
756
विजयी
T.R. Verma
36
जगदीश चन्द मौर्य
752
विजयी
T.R. Verma
37
इन्द्रजीत मौर्या
748
विजयी
T.R. Verma
38
मनोहर लाल बाकोलिया
748
विजयी
B.L. Nawal
39
कन्हैयालाल फुलवारिया
747
विजयी
T.R. Verma
40
मोहनपाल जाजोरिया
746
विजयी
B.L. Nawal
41
विनोद कुमार आर्य
743
विजयी
B.L. Nawal
42
चम्पालाल बोहरा
738
विजयी
B.L. Nawal
43
आनन्द प्रकाश फुलवारिया
736
विजयी
T.R. Verma
44
प्रदीप कुमार अटोलिया
732
विजयी
B.L. Nawal
45
जीतनारायण हरसुखराम सुवासिया
729
विजयी
B.L. Nawal
46
खीयाराम सेवाराम जी खटनावलिया
728
विजयी
B.L. Nawal
47
प्रभुदयाल सबलानिया
722
विजयी
Independent
48
पं0 दीपचन्द बारोलिया 
720
विजयी
B.L. Nawal
49
मोहनलाल कुरडिया
719
विजयी
B.L. Nawal
50
रमेशचन्द मौर्य
712
विजयी
T.R. Verma
51
यादराम नोगिया
702
विजयी
T.R. Verma
52
चिरंजीलाल सेवलिया
699
पराजित
T.R. Verma
53
राजेश कुमार उज्जैनिया
697
पराजित
B.L. Nawal
54
रामचन्द्र कानखेडिया
696
पराजित
T.R. Verma
55
धन्नाराम चैहान
694
पराजित
B.L. Nawal
56
घासी लाल खोलिया
689
पराजित
T.R. Verma
57
राजेन्द्र प्रसाद अटोलिया
689
पराजित
B.L. Nawal
58
घासीराम रठाडि़या
688
पराजित
T.R. Verma
59
बाबूलाल फुलवाडिया
687
पराजित
T.R. Verma
60
नेमराज बाकोलिया
684
पराजित
T.R. Verma
61
डा0 राजेन्द्र कुमार गुनसारिया 
683
पराजित
T.R. Verma
62
इन्द्र कुमार उदाणिया
682
पराजित
T.R. Verma
63
नाथूलाल कुलदीप
681
पराजित
T.R. Verma
64
सुमित्रा वर्मा (जाजोरिया)
680
पराजित
T.R. Verma
65
दूलीचन्द मौर्य
676
पराजित
T.R. Verma
66
गोपाल लाल कंवरिया
674
पराजित
T.R. Verma
67
चेतराम आलोरिया
673
पराजित
T.R. Verma
68
जय प्रकाश नारायण नोगिया
673
पराजित
T.R. Verma
69
नवल किशोर खोरवाल
671
पराजित
T.R. Verma
70
दामेादर प्रसाद वर्मा (झंगीणियां)
666
पराजित
T.R. Verma
71
इन्द्र प्रसाद बारोलिया
653
पराजित
T.R. Verma
72
रामकिशोर बिलोनिया
653
पराजित
T.R. Verma
73
रामचन्द्र शेरावत (शेरशिया)
653
पराजित
B.L. Nawal
74
दुर्गा सहाय महोलिया
647
पराजित
T.R. Verma
75
हीरालाल पिंगोलिया
646
पराजित
T.R. Verma
76
पुरूषोतम गुगडोदिया
644
पराजित
B.L. Nawal
77
मुकेश आर्य
642
पराजित
B.L. Nawal
78
बंशीधर दरिया (धुडिया)
641
पराजित
T.R. Verma
79
सुखदेव अटल
640
पराजित
T.R. Verma
80
सुरेन्द्र सिंह नारोलिया
636
पराजित
T.R. Verma
81
राजेन्द्र प्रसाद नागर
634
पराजित
B.L. Nawal
82
कैलाश चन्द उचेनिया
622
पराजित
T.R. Verma
83
मोती लाल सक्करवाल
622
पराजित
T.R. Verma
84
भगवान दास भुराडिया
621
पराजित
B.L. Nawal
85
चैथमल छोमिया
617
पराजित
T.R. Verma
86
चै0 रोहताश कुमार बारोलिया  
611
पराजित
T.R. Verma
87
लादूराम जाबडोलिया
608
पराजित
T.R. Verma
88
सीताराम आलोरिया
604
पराजित
T.R. Verma
89
राजेन्द्र खोरवाल
603
पराजित
T.R. Verma
90
बनवारी लाल शास्त्री
602
पराजित
T.R. Verma
91
बाल चन्द जौंलिया
602
पराजित
T.R. Verma
92
मोहनलाल सबलानिया
602
पराजित
T.R. Verma
93
रामकुमार शक्रवाल
601
पराजित
B.L. Nawal
94
नरसिंहराम बंशीवाल
599
पराजित
T.R. Verma
95
लक्ष्मीनारायण खोरवाल
599
पराजित
B.L. Nawal
96
महेन्द्र पाल सिंह
588
पराजित
T.R. Verma
97
मुकेश कुमार उदीणिया
567
पराजित
T.R. Verma
98
रामनिवास मोहरिया
564
पराजित
B.L. Nawal
99
मोहन लाल साठीवाल
554
पराजित
T.R. Verma
100
श्रवण नवल
479
पराजित
B.L. Nawal
101
पूरणमल जलुथरिया
471
पराजित
Independent
102
हनुमान प्रसाद खटनावलिया
421
पराजित
B.L. Nawal
103
शंकरलाल बैहरवाल
387
पराजित
B.L. Nawal
104
केसर लाल बांसीवाल
384
पराजित
T.R. Verma
105
गुमानराम जाटोलिया
340
पराजित
Independent
106
कालू राम सेठी
337
पराजित
T.R. Verma
107
वेद प्रकाश पीपलीवाल
328
पराजित
B.L. Nawal
108
रामगोपाल नराणिया
326
पराजित
Independent
109
गिरधारी लाल वर्मा (मूण्डोतिया)
317
पराजित
T.R. Verma
110
नाथूलाल कानखेडिया
244
पराजित
Independent
111
भगवान सहाय वर्मा (परसोया)
241
पराजित
Independent
112
मदन लाल जाबडोलिया
214
पराजित
Independent
वैध मत:- 1896   अवैध मत:- 174    कुल मत:-  2070
विजयता:- 37 बी.एल. नवल पेनल, 11 टी.आर. वर्मा पेनल और 3 स्‍वतंत्र उम्‍मीदवार


मतदान प्रतिशत

बूथ न.
जिला/राज्‍य
कुल मतदाता
मतदान समाप्‍ति पर
मतदान प्रतिशत
1
जयपुर
140
118
84.29
2
जयपुर
139
120
86.33
3
जयपुर
140
124
88.57
4
जयपुर
140
127
90.71
5
जयपुर
140
129
92.14
6
जयपुर एवं मध्‍य प्रदेश
143
116
81.12
7
दिल्‍ली
168
109
64.88
8
दिल्‍ली
149
115
77.18
9
झालावाड़ एवं दौसा
153
139
90.85
10
सवाईमाधोपुर
168
151
89.88
11
सवाईमाधोपुर, जालौर एवं कोटा
141
105
74.47
12
बीकानेर एवं बूंदी
146
123
84.25
13
अजमेर, अलवर, चित्‍तौड़गढ़ एवं चूरू
148
123
83.11
14
झुंझुनू एवं जोधपुर
151
133
88.08
15
राजसमन्‍द, सीकर, सिरोही, उदयपुर एवं बाड़मेर
157
120
76.43
16
टोंक एवं नागौर
159
143
89.94
17
महाराष्‍ट्र, पाली, भीलवाड़ा एवं हनुमानगढ़
119
77
64.71
कुल योग - 
2501
2072
82.85
साभार - धनलाल शेरावत (शेरसिया) निर्वाचन अधिकारी